The family man 2 review

The family man 2 review: श्रीकांत के स्वैग में छाए मनोज बाजपेयी, पर बाजी मार ले गई सामंथा

ओटीटी प्लेटफॉर्म ने सिने प्रेमियों के लिए मनोरंजन की परिभाषा से लेकर विषय-वस्तु सब कुछ बदल रख दिया है। ये ओटीटी के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण का ही परिणाम है कि फैंस की जो दीवानगी कल तक सलमान, शाहरुख और आमिर खान की फिल्मों के रिलीज वक्त देखने को मिलती थी, उससे कहीं अधिक आज मनोज बाजपेयी स्टारर वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’ के ऑनलाइन रिलीज पर देखने को मिली है। वहीं ओटीटी प्लेटफॉर्म ने भी दर्शकों के रिझाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रखा है.. जैसा कि अमेज़न प्राइम वीडियो ने तय समय से पहले ही ‘द फैमिली मैन’ के दूसरे सीजन को रिलीज कर फैंस को बड़ा सरप्राइज दे दिया है। लेकिन यहां जानने वाली बात ये हैं कि सरप्राइज में मिला ये तोहफा है कैसा। इसलिए हम आपको लिए लेकर आए हैं द फैमिली मैन 2 का रिव्यू (The family man 2 review)…

द फैमिली मैन 2

नई चुनौति, नई कहानी के साथ लौटा द फैमिली मैन

सबसे पहले बात द फैमिली मैन की कहानी की कर लेते हैं.. तो पिछले सीजन में हुए गैसकांड के बाद अब श्रीकांत ने एक आईटी कंपनी में जॉब पकड़ ली है, जहां वो अपने से कहीं छोटे उम्र के बॉस से डांट खा रहा है। जबकि घर की परिस्थितियां वैसी हैं, पत्नी सुचि अरविंद के आकर्षण से बाहर निकल पा रही है.. बेटी का नया ब्वॉयफ्रेंड बन चुका है जो काफी संदिग्ध लग रहा है, तो छोटे बेटे की शरारते जारी हैं। श्रीकांत अब पूरी तरह से फैमिली मैन बनने की कोशिश में लगा है तो सुचि अपनी शादी को बचाने के लिए श्रीकांत को फैमिली काउंसलर के पास ले जाती है।

The family man 2

वहीं दूसरी तरफ देश के दुश्मन तमिलनाडु और श्रीलंका से सक्रीय होते हुए लंदन में बैठे कुछ पुराने आतंकियों के साथ सांठ-गांठ कर लेते हैं और इस बार निशाना सीधे देश की प्रधानमंत्री हैं। इस तरह से देखा जाए तो इस बार दुश्मन पहले से कहीं अधिक खतरनाक और ताकतवर है, इनकी टीम में राजी यानि की सामंथा अक्किनेनी का किरदार भी शामिल हैं। ऐसे में परिस्थियां कुछ ऐसी बन पड़ती है कि श्रीकांत को TASC में वापस लौटाना पड़ता है और वो दोबारा मिशन पर लग जाता है। लेकिन श्रीकांत के सामने इस बार सिर्फ देश को बचाने की चुनौति नहीं है बल्कि बात उसकी बेटी की जान पर भी बन आई है।

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ऐसे में क्या श्रीकांत प्रधानमंत्री पर होने आतंकी हमले को नाकाम कर पाएगा, क्या वो अपनी बेटी को बचा पाएगा? इसी सस्पेसं के साथ ये 9 एपिसोड वाली सीरीज को दर्शकों को रोमांचक सफल ले जाती है। इससे अधिक कहानी के बारे में हम कुछ नहीं बता सकते, क्योंकि इससे सीरीज देखने का मजा खत्म हो सकता है। यहां हमारी कोशिश सिर्फ आपको द फैमिली मैन 2 का रिव्यू (The family man 2 review) देने की है तो अब बात अभिनय, निर्देशन और बाकी पक्षों पर कर लेते हैं।

मनोज बाजपेयी, सामंथा के अभिनय ने जीता दिल

पहले सीजन की तरह ही द फैमिली मैन के दूसरे सीजन में भी श्रीकातं के किरदार में मनोज बाजपेयी पूरे रंग में रंगे नजर आए हैं। बात चाहें एक्शन सीन की हो या हास्य दृश्य की, मनोज बाजपेयी की परफॉर्मेंस कमाल की रही है। ऐसे में इसी सीरीज में मनोज बाजेपीय को स्क्रीन पर देखना उनके फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं हैं। मनोज बाजपेयी के अलावा जो कलाकार द फैमिली मैन 2 में दिल में जीतने में कामयाब रहा है वो हैं सामंथा अक्किनेनी।

samantha akkineni in the family man 2

उम्मीद के मुताबिक सामंथा अक्किनेनी राजी के किरदार में जंची है, भले ही तमिल उग्रवादी के रूप में उनका चेहरे की कालिमा फैंस को अखर सकती हैं। पर जो अभिनय सामांथा ने दिखाया है वो काबिले तारीफ है। मनोज बाजपेयी और सामंथा के अलावा शारिब हाशमी, प्रियमणि, सीमा बिस्वास, दलीप ताहिल, विपिन शर्मा और राजेश बालाचंद्रन अपने किरदारों में जंचें हैं।

स्पाई थ्रिलर सीरीज में दिखी राज एंड डीके की मेहनत

राज एंड डीके यानि राज निदिमोरु और कृष्णा डीके ने द फैमिली मैन 2 को स्पाई थ्रिलर सीरीज के रूप में इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोडी है। गौरतलब है कि इस सीजन के 9 में से 4 एपिसोड (पहला, दूसरा, छठा और नौवां) राज एंड डीके ने निर्देशत किए हैं, जबकि बाकी पांच एपिसोड सुपर्ण एस वर्मा ने डायरेक्ट किए हैं। वैसे सुपर्ण एस वर्मा के डायरेक्ट किए एपिसोड की अवधि से ये साफ पता चल जाता है कि ‘तांडव’ को लेकर हुए बवाल के बाद कैंची सुपर्ण के एपिसोड्स पर ही ज्यादा चली है। पर कुल मिलाकार ये सीरीज दर्शकों एक स्पाई थ्रिलर सीरीज का मजा देने में सफल रही है।

‘द फैमिली मैन 2’ की क्या हैं खामियां

अब अगर बात करें ‘द फैमिली मैन 2’ की खामियों की तो वैसे तो सिनेमाई दृष्टिकोण से इसमें कोई ऐसी कमी नहीं दिखती है। पर अगर दर्शकों के दृष्टिकोण से देखा जाए तो हिंदी भाषी दर्शकों के लिए पहले शुरूआती कुछ दृश्य समझ से परे साबित हो सकते हैं। दरअसल, पहले एपिसोड के शुरूआत के पांच से सात मिनट की कहानी तमिल में चलती है। ऐसे में स्क्रीन पर चल क्या रहा ये समझने में हिंदी भाषी लोग को दिक्कत हो सकती है।

क्यों देखनी चाहिए ‘द फैमिली मैन 2’

वहीं अगर बात की जाए तो ‘द फैमिली मैन 2’ क्यों देखनी चाहिए तो ‘द फैमिली मैन’ के फैंस के लिए ये सवाल ही बेकार लगता है। क्योंकि ‘द फैमिली मैन’ के दूसरे सीजन के लिए फैंस पहसे से बेताब हैं। वहीं अगर आप ‘द फैमिली मैन’ के फैंस नहीं हैं तो भी इस स्पाई थ्रिलर सीरीज में ऐसी कई बातें हैं, जो आपको ये सीरीज देखने को मजबूर कर सकती है, जैसे सत्या और शूल जैसी फिल्मों के बाद मनोज बाजपेयी इस सीरीज में अपने पूरे तेवर में नजर आए हैं। वहीं साउथ इंडियन फिल्मों के फैंस के लिए सामांथा की इस सीरीज में मौजूदगी भी इसका बड़ा आकर्षण है। इसके अलावा ये सीरीज फैमिली ड्रामा के साथ एक्शन सीरीज का भी पूरा मजा देती है। इसलिए इस वीकेंड सिनेप्रेमियों के लिए ‘द फैमिली मैन 2’ एंटरटेनमेंट का फुल पैकेज साबित हो सकती है।

खैर बाकि आपकी मर्जी है कि ‘द फैमिली मैन 2’ देखनी है या नहीं, हम उम्मीद कर सकते हैं कि द फैमिली मैन 2 का रिव्यू (The family man 2 review) पढ़ कर आपके चुनाव का काम कुछ हद तक आसान हो गया होगा।

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